करैरा (शिवपुरी): विधानसभा क्षेत्र करेरा से प्रदेश सचिव सेवादल कांग्रेस लाली बेदोरिया ने एक स्थानीय होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि यदि विधानसभा क्षेत्र करेरा की जनता एवं पार्टी मुझे सेवा का अवसर दें तो मैं इस क्षेत्र की भरपूर सेवा करूंगी। 

उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि विधानसभा क्षेत्र करेरा कि मैं बेटी हूं और मैं वर्षों से यहां रहकर आम जनों की समस्याओं से रूबरू होती रही हूं। मुझे यदि सेवा का अवसर मिला तो मैं मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के साधन उपलब्ध कराने का प्रयास करूंगी । उन्होंने कहा कि करेरा क्षेत्र में एक भी ऐसा पार्क विकसित नहीं है जहां  बच्चे, युवा, वृद्ध पहुंच कर  सुकून के  दो पल व्यतीत कर सकें।

तहसील में भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार तो वाकई बहुत है परंतु मेरे पास कोई समस्या आएगी तो मैं उसको लेकर अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों के माध्यम से निराकरण की मांग करूंगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करूंगी। उन्होंने बताया कि मुझे तहसील और पुलिस दोनों से आमजन को राहत दिलाना भली-भांति आता है। मैं लोगों की समस्याओं को ज्यादा अच्छे से समझकर निराकरण करा सकती हूं। 

उन्होंने पार्टी की निष्ठावान कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि पार्टी यदि किसी अन्य को भी टिकट देगी तो भी हम उसके लिए काम करेंगे। और कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो गरीब, किसान, व्यापारी, युवा, महिला सभी की हमदर्द है और सभी के बारे में सोचती है। जनता ने तो पूर्व में भी कांग्रेस को मौका दिया था लेकिन सौदागरो ने तोड़ मरोड़ कर कुछ विधायक खरीद कर सरकार को गिरा दिया था, जिससे हमें सेवा करने का पूरा मौका नहीं मिल सका। 

उन्होंने इस बार मध्यप्रदेश में कांग्रेस की 150 से 160 सीटें आने का दावा किया है और कहा है कि इस बार जन जन के मन में कांग्रेस लाने का विचार है। भाजपा की थोथी घोषणाओं से आमजन पक चुके हैं। अब उन्हें भाजपा पर भरोसा बिल्कुल नहीं रहा है। लाली बेदोरिया ने कहा कि करैरा क्षेत्र के पूर्व विधायक को मध्यप्रदेश सरकार ने पशुधन कुक्कुट पालन का अध्यक्ष बनाया है, 

तो भी इस विधानसभा क्षेत्र की कोई एक गौ शाला का नाम बताए जिसमे गौ माता पल रही हो। पूरे क्षेत्र में गौ वंश मारा मारा फिर रहा है। गौ माता पानी पीने तक को तरस रही है। क्या इस क्षेत्र में किसी गरीब को कुक्कुट पालन से जोड़ कर रोजगार उपलब्ध कराया गया है। ऐसे जनप्रतिनिधि से क्या क्षेत्र का विकास संभव है, जिसे जनता ने डेढ़ वर्ष में ही नकार दिया हो।